1 अगमबानी, जेला हबक्कूक अगमजानी ह पाईस।
2 हे यहोवा, मेंह कब तक मदद बर तोर ले गोहार लगावत रहंव,
3 तेंह काबर मोला अनियाय ला देखे बर मजबूर करथस?
4 येकर कारन नियम-कानून ह ढीला पर गे हवय,
5 “जाति-जाति के मनखेमन कोति धियान से देखव—
6 मेंह बेबिलोनीमन ला उभारत हंव,
7 ओमन डरावना अऊ भयानक मनखे अंय;
8 ओमन के घोड़ामन चीतवामन ले भी जादा तेज दऊड़थें,
9 ओमन सब के सब हतिया करे के मनसा से ही आथें।
10 ओमन राजामन के ठट्ठा करथें
11 तब ओमन हवा सहीं निकल जाथें अऊ आघू बढ़त रहिथें—
12 हे यहोवा, का तेंह अनादिकाल ले नइं अस?
13 तोर आंखीमन अइसन सुध हें कि बुरई ला नइं देख सकंय;
14 तेंह मनखेमन ला समुंदर के मछरी सहीं,
15 दुस्ट बईरी ह ओ जम्मो ला गरी म फंसाके खींच लेथे,
16 एकरसेति ओह अपन जाल बर बलि चघाथे,
17 पर का ओह अपन जाल ला खाली करत,