1 धिक्कार ए ओ खून के सहर ला,
2 कोर्रा के चटके के अवाज,
3 घुड़सवार सेना के हमला करई,
4 ये जम्मो एक बेस्या के लम्पट वासना के कारन अय,
5 यहोवा ह घोसना करत हे, “मेंह तुम्हर बिरूध हवंव।
6 मेंह तुम्हर ऊपर कचरा-कूटा फटिकहूं,
7 ओ जम्मो जऊन मन तुमन ला देखहीं, ओमन तुम्हर ले दूरिहा भागहीं अऊ कहिहीं,
8 का तुमन ओ थेबेस सहर ले जादा बने अव,
9 कूस अऊ मिसर देस ओकर बर असीमित बल रिहिन,
10 तभो ले ओला बंधुवा बनाके
11 हे नीनवे सहर, तेंह घलो नसा म मतवार हो जाबे;
12 तोर जम्मो गढ़मन ओ अंजीर रूखमन सहीं अंय
13 अपन सैनिक दलमन ला देख—
14 अपन सैनिक घेरा बर पानी भर ले,
15 उहां आगी ह तोला जलाके नास कर दीही;
16 तुमन अपन बेपारीमन के संखिया
17 तोर पहरेदारमन टिड्डीमन सहीं अंय,
18 हे अस्सूर के राजा, तोर चरवाहामन ओंघाथें;
19 तोर चंगई नइं हो सकय;