1 हे माईलोगन म परम सुन्दरी,
2 मोर मयारू ह खाल्हे अपन बारी कोति गे हवय
3 मेंह अपन मयारू के अंव अऊ मोर मयारू ह मोर अय;
4 हे मोर मयारू, तें तिरसा के सहीं सुघर,
5 अपन नजर ला मोर कोति ले हटा ले;
6 तोर दांतमन नहा-खोरके ऊपर आवत
7 तोर घूंघट के भीतर तोर कनपटी ह
8 उहां साठ झन रानी,
9 पर मोर पंड़की, मोर सिद्ध जन ह तो अनोखा अय,
10 येह कोन ए, जेकर सोभा बिहान पाय के सोभा सहीं हवय,
11 मेंह अखरोट के बारी म गेंव
12 एकर पहिली कि में ये बात ला समझतेंव,
13 लहुंट आ, लहुंट आ, हे सुलाम के माईलोगन;