Cânticos 5

HNE

1 हे मोर बहिनी, मोर दुलहिन, मेंह अपन बारी म आ गे हंव;

2 में तो सुते रहेंव, पर मोर मन ह जागत रिहिस।

3 मेंह अपन ओनहा ला उतार चुके हंव—

4 मोर मयारू ह अपन हांथ ले कपाट के सिटकिनी ला धक्का देवथे;

5 मेंह अपन मयारू बर कपाट ला खोले बर उठेंव,

6 मेंह अपन मयारू बर कपाट ला खोलेंव,

7 जब पहरेदारमन सहर म पहरा देवत रिहिन,

8 हे यरूसलेम के बेटीमन, तुमन मोर ले वायदा करव—

9 हे माईलोगन म परम सुन्दरी,

10 मोर मयारू ह हंसमुख अऊ चमकीला ए,

11 ओकर मुड़ ह सुध सोन के सहीं अय;

12 ओकर आंखीमन पंड़कीमन सहीं अंय

13 ओकर गालमन खुसबू देवत

14 ओकर बाहांमन पुखराज ले सजे

15 ओकर गोड़मन सुध सोन के नीव म बईठाय

16 ओकर मुहूं के अपन मिठास हवय;

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