1 हे इसरायल, ये बचन ला सुन, तोर बारे म मेंह ये बिलापगीत सुनावत हंव:
2 “कुंवारी इसरायल ह गिर गे हे,
3 परमपरधान यहोवा ह इसरायल ले ये कहत हे:
4 यहोवा ह इसरायल ले ये कहत हे:
5 बेतेल ला झन खोजव,
6 यहोवा ला खोजव अऊ जीयत रहव,
7 अइसन मनखेमन हवंय, जेमन नियाय ला करूवाहट म बदल देथें,
8 जऊन ह नछत्र-पुंज अऊ मिरगासिरा ला बनाईस,
9 ओह किला ला मिटकी मारते ही नास कर देथे
10 अइसन मनखेमन हवंय, जेमन अदालत म नियाय पसंद करइयामन ले घिन करथें
11 तुमन गरीबमन ले भूंसा बर घलो चुंगी लेथव
12 काबरकि मेंह जानत हंव कि तुम्हर अपराध कतेक जादा हवय
13 एकरसेति, अइसन समय म समझदार ह चुप रहय,
14 बुरई के नइं, पर भलई के खोज करव,
15 बुरई ले घिन करव, अऊ भलई ले मया;
16 एकरे बर परभू, यहोवा, सर्वसक्तिमान परमेसर ह ये कहत हे:
17 अंगूर के सब बारीमन म बिलाप होही,
18 हाय तुम्हर ऊपर,
19 ओ दिन ह अइसन होही मानो कोनो मनखे ह सिंह ले बांचे बर भागथे
20 का यहोवा के दिन ह अंजोर के बदले अंधियार के नइं होही—
21 “मेंह घिन करथंव, मेंह तुम्हर धारमिक तिहारमन ला तुछ समझथंव;
22 भले ही तुमन मोर बर होम-बलिदान अऊ अन्न-बलिदान लानव,
23 अपन गीतमन के कंझट ला मोर ले दूरिहा रखव!
24 पर नियाय ला नदी कस,
25 “हे इसरायल के मनखेमन, निरजन जगह म चालीस साल तक
26 तुमन अपन राजा के देव-स्थल,
27 एकरसेति मेंह तुमन ला दमिस्क नगर ले बाहिर बंधुवई म पठो दूहूं,”