1 हाय तुमन ऊपर, जेमन सियोन म संतुस्ट हवव,
2 कलने नगर जाके ओला देखव;
3 तुमन संकट के दिन ला दूरिहा कर देथव,
4 तुमन हाथी-दांत ले सजे पलंग ऊपर लेटथव
5 तुमन दाऊद सहीं अपन बीना ला बजाथव
6 तुमन कटोरा भरके अंगूर के मंद पीथव
7 एकरसेति तुमन सबले पहिली बंधुवई म जाहू;
8 परमपरधान यहोवा ह अपनेच कसम खाय हवय—यहोवा सर्वसक्तिमान परमेसर ह घोसना करत हे:
9 कहूं एक घर म दस मनखे घलो बांचे रहिहीं, त ओमन घलो मर जाहीं।
10 कहूं कोनो रिस्तेदार ह ओमन के देहें ला जराय खातिर घर ले बाहिर ले जाय बर आथे अऊ उहां कोनो लुकाय मनखे ले पुछथे, “इहां तोर संग म कोनो अऊ हवंय?” अऊ ओह कहिथे, “नइं,” तब ओह ये कहिही, “चुपे रह! हमन ला यहोवा के नांव नइं लेना हवय।”
11 काबरकि यहोवा ह हुकूम देय हवय,
12 का घोड़ामन ठाढ़ चट्टान म दऊड़थें?
13 तुमन, जेमन लो-देबार ला अपन बस म करके आनंदित होथव
14 काबरकि यहोवा सर्वसक्तिमान परमेसर ह घोसना करत हे,