1 हे सामरिया के पहाड़ ऊपर रहइया बासान के गायमन, ये बचन ला सुनव,
2 परमपरधान यहोवा ह अपन पबितरता के किरिया खाके कहत हवय:
3 तुमन म के जम्मो झन
4 “बेतेल नगर म जाके पाप करव;
5 धनबाद-बलिदान के रूप म खमीर मिले रोटी ला जरोवव
6 “मेंह हर सहर म तुमन ला भूखन पेट रखेंव
7 “जब फसल लुवई ह तीन महिना बांचे रिहिस
8 मनखेमन एक सहर ले दूसर सहर म पानी बर भटकिन
9 “कई बार मेंह तुम्हर बारी अऊ अंगूर के बारी म फसल नइं होवन दें,
10 “मेंह तुम्हर बीच म महामारी पठोंय
11 “मेंह जइसन सदोम अऊ अमोरा सहरमन ला नास करेंव
12 “एकरसेति हे इसरायल, मेंह तोर संग अइसन करहूं,
13 ओ, जऊन ह पहाड़मन ला बनाथे,