1 किसने हमारी बातों पर विश्वास किया
2 क्योंकि वह जो उनके सामने अंकुर के समान
3 वह तो मनुष्यों द्वारा तुच्छ जाना जाता तथा त्यागा हुआ था,
4 उसने हमारे रोगों को सह लिया और उठा लिया
5 हमारे पापों के कारण ही उसे रौंदा गया,
6 हम सभी भेड़ों के समान भटक गए थे,
7 वह सताया गया और,
8 अत्याचार करके और दोष लगाकर
9 उसकी कब्र दुष्ट व्यक्तियों के साथ रखी गई,
10 तो भी याहवेह को यही अच्छा लगा की उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया,
11 और अपने प्राणों का दुःख उठाकर
12 अतः मैं उसे महान लोगों के साथ एक भाग दूंगा,