1 हे ज़ियोन, जागो,
2 हे येरूशलेम, तुम जो बंदी हो,
3 क्योंकि याहवेह यों कहते हैं:
4 क्योंकि प्रभु याहवेह यों कहते हैं:
5 याहवेह ने कहा है:
6 इस कारण अब मेरी प्रजा मेरे नाम को पहचानेगी;
7 पर्वतों पर से आते हुए उनके पैर कैसे शुभ हैं,
8 सुनो! तुम्हारे पहरा देनेवाले ऊंचे शब्द से पुकार रहे हैं;
9 हे येरूशलेम के उजड़े स्थानो,
10 याहवेह ने अपना पवित्र हाथ
11 चले जाओ यहां से!
12 फिर भी तुम बाहर जाने में उतावली न करना
13 देखों, मेरा सेवक बढ़ता जाएगा;
14 मेरे लोग जिस प्रकार तुम्हें देखकर चकित हुए—
15 वैसे ही वह बहुत सी जातियों को छिड़केगा,