1 हे परमेश्वर, कुछ लोग तेरे भक्तों के साथ लड़ने आये हैं।
2 तेरे भक्तों के शवों को उन्होंने गिद्धों को खाने के लिये डाल दिया।
3 हे परमेश्वर, शत्रुओं ने तेरे भक्तों को तब तक मारा जब तक उनका रक्त पानी सा नहीं फैल गया।
4 हमारे पड़ोसी देशों ने हमें अपमानित किया है।
5 हे परमेश्वर, क्या तू सदा के लिये हम पर कुपित रहेगा
6 हे परमेश्वर, अपने क्रोध को उन राष्ट्रों के विरोध में जो तुझको नहीं पहचानते मोड़,
7 क्योंकि उन राष्ट्रों ने याकूब को नाश किया।
8 हे परमेश्वर, तू हमारे पूर्वजों के पापों के लिये कृपा करके हमको दण्ड मत दे।
9 हमारे परमेश्वर, हमारे उद्धारकर्ता, हमको सहारा दे!
10 दूसरी जाति के लोगों को तू यह मत कहने दे,
11 बंदी गृह में पड़े हुओं कि कृपया तू कराह सुन ले!
12 हे परमेश्वर, हम जिन लोगों से घिरे हैं,
13 हम तो तेरे भक्त हैं। हम तेरे रेवड़ की भेड़ हैं।