1 हे इस्राएल के चरवाहे, तू मेरी सुन ले।
2 हे इस्राएल के चरवाहे, एप्रैम, बिन्यामीन और मनश्शे के सामने तू अपनी महिमा दिखा,
3 हे परमेश्वर, हमको स्वीकार कर।
4 सर्वशक्तिमान परमेश्वर यहोवा,
5 अपने भक्तों को तूने बस खाने को आँसू दिये है।
6 तूने हमें हमारे पड़ोसियों के लिये कोई ऐसी वस्तु बनने दिया जिस पर वे झगड़ा करे।
7 हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, फिर हमको स्वीकार कर।
8 प्रचीन काल में, तूने हमें एक अति महत्त्वपूर्ण पौधे सा समझा।
9 तूने दाखलता रोपने को धरती को तैयार किया, उसकी जड़ों को पक्की करने के लिये तूने सहारा दिया
10 उसने पहाड़ ढक लिया।
11 इसकी दाखलताएँ भूमध्य सागर तक फैल गई।
12 हे परमेश्वर, तूने वे दीवारें क्यों गिरा दी, जो तेरी दाखलता की रक्षा करती थी।
13 बनैले सूअर आते हैं, और तेरी दाखलता को रौदते हुए गुजर जाते हैं।
14 सर्वशक्तिमान परमेश्वर, वापस आ।
15 हे परमेश्वर, अपनी उस दाखलता को देख जिसको तूने स्वयं निज हाथों से रोपा था।
16 तेरी दाखलता को सूखे हुए उपलों सा आग में जलाया गया।
17 हे परमेश्वर, तू अपना हाथ उस पुत्र पर रख जो तेरे दाहिनी ओर खड़ा है।
18 फिर वह कभी तुझको नहीं त्यागेगा।
19 सर्वशक्तिमान यहोवा परमेश्वर, हमारे पास लौट आ