1 हे परमेश्वर, मेरी सुन!
2 तू मुझको मेरे शत्रुओं के गहरे षड़यन्त्रों से बचा ले।
3 मेरे विषय में उन्होंने बहुत बुरा झूठ बोला है।
4 वे छिप जाते हैं, और अपने बाणों का प्रहार सरल सच्चे जन पर फिर करते हैं।
5 उसको हराने को बुरे काम करते हैं।
6 लोग बहुत कुटिल हो सकते हैं।
7 किन्तु परमेश्वर निज “बाण” मार सकता है!
8 दुष्ट जन दूसरों के साथ बुरा करने की योजना बनाते हैं।
9 जो परमेश्वर ने किया है, लोग उन बातों को देखेंगे
10 सज्जनों को चाहिए कि वे यहोवा में प्रसन्न हो।