Salmos 6

HIN2010

1 हे यहोवा, तू मुझ पर क्रोधित होकर मेरा सुधार मत कर।

2 हे यहोवा, मुझ पर दया कर।

3 मेरी समूची देह थर—थर काँप रही है।

4 हे यहोवा, मुझ को फिर से बलवान कर।

5 मरे हुए लोग तुझे अपनी कब्रों के बीच याद नहीं करते हैं।

6 हे यहोवा, सारी रात मैं तुझको पुकारता रहता हूँ।

7 मेरे शत्रुओं ने मुझे बहुतेरे दु:ख दिये।

8 अरे ओ दुर्जनों, तुम मुझ से दूर हटो।

9 मेरी विनती यहोवा के कान तक पहुँच चुकी है

10 मेरे सभी शत्रु व्याकुल और आशाहीन होंगे।

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