1 हे यहोवा, मेरे शब्द सुन
2 मेरे राजा, मेरे परमेश्वर
3 हे यहोवा, हर सुबह तुझको, मैं अपनी भेटे अर्पित करता हूँ।
4 हे यहोवा, तुझ को बुरे लोगों की निकटता नहीं भाती है।
5 तेरे निकट अविश्वासी नहीं आ सकते।
6 जो झूठ बोलते हैं उन्हें तू नष्ट करता है।
7 किन्तु हे यहोवा, तेरी महा करुणा से मैं तेरे मन्दिर में आऊँगा।
8 हे यहोवा, तू मुझको अपनी नेकी का मार्ग दिखा।
9 वे लोग सत्य नहीं बोलते।
10 हे परमेश्वर, उन्हें दण्ड दे।
11 किन्तु जो परमेश्वर के आस्थावान होते हैं, वे सभी प्रसन्न हों और वे सदा सर्वदा को आनन्दित रहें।
12 हे यहोवा, तू निश्चय ही धर्मी को वरदान देता है।