Salmos 4

HIN2010

1 मेरे उत्तम परमेश्वर,

2 अरे लोगों, कब तक तुम मेरे बारे में अपशब्द कहोगे

3 तुम जानते हो कि अपने नेक जनों की यहोवा सुनता है!

4 यदि कोई वस्तु तुझे झमेले में डाले, तू क्रोध कर सकता है, किन्तु पाप कभी मत करना।

5 समुचित बलियाँ परमेश्वर को अर्पित कर

6 बहुत से लोग कहते हैं, “परमेश्वर की नेकी हमें कौन दिखायेगा

7 हे यहोवा, तुने मुझे बहुत प्रसन्न बना दिया। कटनी के समय भरपूर फसल और दाखमधु पाकर जब हम आन्नद और उल्लास मनाते हैं उससे भी कहीं अधिक प्रसन्न मैं अब हूँ।

8 मैं बिस्तर में जाता हूँ और शांति से सोता हूँ।

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