1 हे यहोवा, मेरे कितने ही शुत्र
2 कितने ही मेरी चर्चाएं करते हैं, कितने ही मेरे विषय में कह रहे कि परमेश्वर इसकी रक्षा नहीं करेगा।
3 किन्तु यहोवा, तू मेरी ढाल है।
4 मैं यहोवा को ऊँचे स्वर में पुकारुँगा।
5 मैं आराम करने को लेट सकता हूँ। मैं जानता हूँ कि मैं जाग जाऊँगा,
6 चाहे मैं सैनिकों के बीच घिर जाऊँ
7 हे यहोवा, जाग!
8 यहोवा अपने लोगों की रक्षा कर सकता है।