1 हे परमेश्वर, अपनी विशाल प्रेमपूर्ण
2 हे परमेश्वर, मेरे अपराध मुझसे दूर कर।
3 मैं जानता हूँ, जो पाप मैंने किया है।
4 है परमेश्वर, मैंने वही काम किये जिनको तूने बुरा कहा।
5 मैं पाप से जन्मा,
6 हे परमेश्वर, तू चाहता है, हम विश्वासी बनें। और मैं निर्भय हो जाऊँ।
7 तू मुझे विधि विधान के साथ, जूफा के पौधे का प्रयोग कर के पवित्र कर।
8 मुझे प्रसन्न बना दे। बता दे मुझे कि कैसे प्रसन्न बनूँ मेरी वे हडिडयाँ जो तूने तोड़ी,
9 मेरे पापों को मत देख।
10 परमेश्वर, तू मेरा मन पवित्र कर दे।
11 अपनी पवित्र आत्मा को मुझसे मत दूर हटा,
12 वह उल्लास जो तुझसे आता है, मुझमें भर जायें।
13 मैं पापियों को तेरी जीवन विधि सिखाऊँगा,
14 हे परमेश्वर, तू मुझे हत्या का दोषी कभी मत बनने दें।
15 हे मेरे स्वामी, मुझे मेरा मुँह खोलने दे कि मैं तेरे प्रसंसा का गीत गाऊँ।
16 जो बलियाँ तुझे नहीं भाती सो मुझे चढ़ानी नहीं है।
17 हे परमेश्वर, मेरी टूटी आत्मा ही तेरे लिए मेरी बलि हैं।
18 हे परमेश्वर, सिय्योन के प्रति दयालु होकर, उत्तम बन।
19 तू उत्तम बलियों का