1 ईश्वरों के परमेश्वर यहोवा ने कहा है,
2 सिय्योन से परमेश्वर की सुन्दरता प्रकाशित हो रही है।
3 हमारा परमेश्वर आ रहा है, और वह चुप नही रहेगा।
4 हमारा परमेश्वर आकाश और धरती को पुकार कर
5 “मेरे अनुयायियों. मेरे पास जुटों।
6 परमेश्वर न्यायाधीश है,
7 परमेश्वर कहता है, “सुनों मेरे भक्तों!
8 मुझको तुम्हारी बलियों से शिकायत नहीं।
9 मैं तेरे घर से कोई बैल नहीं लूँगा।
10 मुझे तुम्हारे उन पशुओं की आवश्यकता नहीं। मैं ही तो वन के सभी पशुओं का स्वामी हूँ।
11 जिन पक्षियों का बसेरा उच्चतम पहाड़ पर है. उन सब को मैं जानता हूँ।
12 मैं भूखा नहीं हूँ! यदि मैं भूखा होता, तो भी तुमसे मुझे भोजन नहीं माँगना पड़ता।
13 मैं बैलों का माँस खायानहीं करता हूँ।
14 सचमुच जिस बलि की परमेश्वर को अपेक्षा है, वह तुम्हारी स्तुति है। तुम्हारी मनौतियाँ उसकी सेवा की हैं।
15 “इस्रएल के लोगों, जब तुम पर विपदा पड़े, मेरी प्रार्थना करो,
16 दुष्ट लोगों से परमेश्वर कहता है,
17 फिर जब मैं तुमको सुधारता हूँ, तब भला तुम मुझसे बैर क्यों रखते हो।
18 तुम चोर को देखकर उससे मिलने के लिए दौड़ जाते हो,
19 तुम बुरे वचन और झूठ बोलते हो।
20 तुम दूसरे लोगों की यहाँ तक की
21 तुम बुरे कर्म करते हो, और तुम सोचते हो मुझे चुप रहना चाहिए।
22 तुम लोग परमेश्वर को भूल गये हो।
23 यदि कोई व्यक्ति मेरी स्तुति और धन्यवादों की बलि चढ़ाये, तो वह सचमुच मेरा मान करेगा।