1 हे परमेश्वर, हमने तेरे विषय में सुना है।
2 हे परमेस्वर, तूने यह धरती अपनी महाशक्ति से पराए लोगों से ली
3 हमारे पूर्वजों ने यह धरती अपने तलवारों के बल नहीं ली थी।
4 हे मेरे परमेश्वर, तू मेरा राजा है।
5 हे मेरे परमेश्वर, तेरी सहायता से, हमने तेरा नाम लेकर अपने शत्रुओं को धकेल दिया
6 मुझे अपने धनुष और बाणों पर भरोसा नहीं।
7 हे परमेश्वर, तूने ही हमें मिस्र से बचाया।
8 हर दिन हम परमेश्वर के गुण गाएंगे।
9 किन्तु, हे यहोवा, तूने हमें क्यों बिसरा दिया तूने हमको गहन लज्जा में डाला।
10 तूने हमें हमारे शत्रुओं को पीछे धकेलने दिया।
11 तूने हमें उस भेड़ की तरह छोड़ा जो भोजन के समान खाने को होती है।
12 हे परमेश्वर, तूने अपने जनों को यूँ ही बेच दिया,
13 तूने हमें हमारे पड़ोसियों में हँसी का पात्र बनाया।
14 लोग हमारी भी काथा उपहास कथाओं में कहते हैं।
15 मैं लज्जा में डूबा हूँ।
16 मेरे शत्रु ने मुझे लज्जित किया है।
17 हे परमेश्वर, हमने तुझको बिसराया नहीं।
18 हे परमेश्वर, हमने तो तुझसे मुख नहीं मोड़ा।
19 किन्तु, हे यहोवा, तूने हमें इस स्थान पर ऐसे ठूँस दिया है जहाँ गीदड़ रहते हैं।
20 क्या हम अपने परमेश्वर का नाम भूले
21 निश्चय ही, परमेश्वर इन बातों को जानता है।
22 हे परमेश्वर, हम तेरे लिये प्रतिदिन मारे जा रहे हैं।
23 मेरे स्वामी, उठ!
24 हे परमेश्वर, तू हमसे क्यों छिपता है
25 हमको धूल में पटक दिया गया है।
26 हे परमेस्वर, उठ और हमको बचा ले,