Salmos 43

HIN2010

1 हे परमेस्वर, एक मनुष्य है जो तेरी अनुसरण नहीं करता वह मनुष्य दुष्ट है और झूठ बोलता है।

2 हे परमेस्वर, तू ही मेरा शरणस्थल है!

3 हे परमेश्वर, तू अपनी ज्योति और अपने सत्य को मुझ पर प्रकाशित होने दे।

4 मैं तो परमेस्वर की वेदी के पास जाऊँगा।

5 मैं इतना दु:खी क्यों हुँ?

Ler em outra tradução

Comparar lado a lado