1 सुन्दर शब्द मेरे मन में भर जाते हैं,
2 तू किसी भी और से सुन्दर है!
3 तू तलवा धारण कर।
4 तू अद्भुत दिखता है! जा, धर्म ओर न्याय का युद्ध जीत।
5 तेरे तीर तत्पर हैं। तू बहुतेरों को पराजित करेगा।
6 हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन अमर है!
7 तू नेकी से प्यार और बैर से द्वेष करता है।
8 तेरे वस्त्र महक रहे है जैसे गंध रास, अगर और तेज पात से मधुर गंध आ रही।
9 तेरी माहिलायें राजाओं की कन्याएँ है।
10 हे राजपुत्री, मेरी बात को सुन।
11 राजा तेरे सौन्दर्य पर मोहित है।
12 सूर नगर के लोग तेरे लिये उपहार लायेंगे।
13 वह राजकन्या उस मूल्यवान रत्न सी है
14 उसे रमणीय वस्त्र धारण किये लाया गया है।
15 वे यहाँ उल्लास में आयी हैं।
16 राजा, तेरे बाद तेरे पुत्र शासक होंगे।
17 तेरे नाम का प्रचार युग युग तक करुँगा।