1 दीन का सहायक बहुत पायेगा।
2 यहोवा उस जन की रक्षा करेगा और उसका जीवन बचायेगा।
3 जब मनुष्य रोगी होगा और बिस्तर में पड़ा होगा,
4 मैंने कहा, “यहोवा, मुझ पर दया कर।
5 मेरे शत्रु मेरे लिये अपशब्द कह रहे हैं,
6 कुछ लोग मेरे पास मिलने आते हैं।
7 मेरे शत्रु छिपे छिपेमेरी निन्दायें कर रहे हैं।
8 वे कहा करते हैं, “उसने कोई बुरा कर्म किया है,
9 मेरा परम मित्र मेरे संग खाता था।
10 सो हे यहोवा, मुझ पर कृपा कर और मुझ पर कृपालु हो।
11 हे यहोवा, यदि तू मेरे शत्रुओं को बुरा नहीं करने देगा,
12 मैं निर्दोष था और तूने मेरी सहायता की।
13 इस्राएल का परमेश्वर, यहोवा धन्य है!