1 देखा, किस तरह सोना चमक रहित हो गया।
2 सिय्योन के निवासी बहुत मूल्यवान थे,
3 यहाँ तक कि गीदड़ी भी अपने बच्चे को थन देती है,
4 प्यास के मारे अबोध शिशुओं की जीभ
5 ऐसे लोग जो स्वादिष्ट भोजन खाया करते थे,
6 मेरे लोगों का पाप बहुत बड़ा था।
7 यहूदा के लोग जो परमेश्वर को समर्पित थे,
8 किन्तु उनके मुख अब धुंए से काले हो गये हैं।
9 ऐसे लोग जिन्हें तलवार के घाट उतारे गये उन से कहीं भाग्यवान थे,
10 उन दिनों ऐसी स्त्रियों ने भी जो बहुत अच्छी हुआ करती थी,
11 यहोवा ने अपने सब क्रोध का प्रयोग किया;
12 जो कुछ घटा था, धरती के किसी भी राजा को उसका विश्वास नहीं था।
13 किन्तु ऐसा ही हुआ,
14 याजक और नबी गलियों में अंधे से घुमते थे।
15 लोग चिल्लाकर कहते थे, “दूर हटो! दूर हटो!
16 वे लोग स्वयं यहोवा के द्वारा ही नष्ट किये गये थे।
17 सहायता पाने की बाट जोहते—जोहते अपनी आँखों ने काम करना बंद किया, और अब हमारी आँखें थक गई है।
18 हर समय दुश्मन हमारे पीछे पड़े रहे यहाँ तक कि हम बाहर गली में भी निकल नहीं पाये।
19 वे लोग जो हमारे पीछे पड़े थे,
20 वह राजा जो हमारी नाकों के भीतर हमारा प्राण था,
21 एदोम के लोगों, प्रसन्न रहो और आनन्दित रहो!
22 सिय्योन, तेरा दण्ड पूरा हुआ।