Jeremias 9

HIN2010

1 यदि मेरा सिर पानी से भरा होता,

2 यदि मुझे मरुभूमि में रहने का स्थान मिल गया होता

3 “वे लोग अपनी जीभ का उपयोग धनुष जैसा करते हैं,

4 “अपने पड़ोसियों से सतर्क रहो, अपने निज भाइयों पर भी विश्वास न करो।

5 हर एक व्यक्ति अपने पड़ोसी से झूठ बोलता है।

6 एक बुराई के बाद दूसरी बुराई आई।

7 अत: सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है,

8 यहूदा के लोगों की जीभ तेज बाणों की तरह हैं।

9 क्या मुझे यहूदा के लोगों को इन कामों के करने के लिये दण्ड नहीं देना चाहिए”

10 मैं (यिर्मयाह) पर्वतों के लिये फूट फूट कर रोऊँगा।

11 “मैं (यहोवा) यरूशलेम नगर को कूड़े का ढेर बना दूँगा।

12 क्या कोई व्यक्ति ऐसा बुद्धिमान है जो इन बातों को समझ सके क्या कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे यहोवा से शिक्षा मिली है क्या कोई यहोवा के सन्देश की व्य़ाख्य़ा कर सकता है देश क्यों नष्ट हुआ यह एक सूनी मरुभूमि की तरह क्यों कर दिया गया जहाँ कोई भी नहीं जाता

13 यहोवा ने इन प्रश्नों का उत्तर दिया। उसने कहा, “यह इसलिये हुआ कि यहूदा के लोगों ने मेरी शिक्षा पर चलना छोड़ दिया। मैंने उन्हें अपनी शिक्षा दी, किन्तु उन्होंने मेरी सुनने से इन्कार किया। उन्होंने मेरे उपदेशों का अनुसरण नहीं किया।

14 यहूदा के लोग अपनी राह चले, वे हठी रहे। उन्होंने असत्य देवता बाल का अनुसरण किया। उनके पूर्वजों ने उन्हें असत्य देवताओं के अनुसरण करने की शिक्षा दी।”

15 अत: इस्राएल का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है, “मैं शीघ्र ही यहूदा के लोगों को कड़वा फल चखाऊँगा। मैं उन्हें जहरीला पानी पिलाऊँगा।

16 मैं यहूदा के लोगों को अन्य राष्ट्रों में बिखेर दूँगा। वे अजनबी राष्ट्रों में रहेंगे। उन्होंने और उनके पूर्वजों ने उन देशों को कभी नहीं जाना। मैं तलवार लिये व्यक्तियों को भेंजूँगा। वे लोग यहूदा के लोगों को मार डालेंगे। वे लोगों को तब तक मारते जाएंगे जब तक वे समाप्त नहीं हो जाएंगे।”

17 सर्वशक्तिमान यहोवा जो कहता है, वह यह है:

18 लोग कहते हैं,

19 “जोर से रोने की आवाजें सिय्योन से सुनी जा रही हैं।

20 यहूदा की स्त्रियों, अब यहोवा का सन्देश सुनो।

21 “मृत्यु हमारी खिड़कियों से चढ़कर आ गई है।

22 यिर्मयाह कहो, “जो यहोवा कहता है, ‘वह यह है:

23 यहोवा कहता है,

24 किन्तु यदि कोई डींग मारना ही चाहता है तो उसे इन चीज़ों की डींग मारने दो:

25 वह समय आ रहा है, यह सन्देश यहोवा का है, “जब मैं उन लोगों को दण्ड दूँगा जो केवल शरीर से खतना कराये हैं।

26 मैं मिस्र, यहूदा, एदोम, अम्मोन तथा मोआब के राष्ट्रों और उन सभी लोगों के बारे में बातें कर रहा हूँ जो मरुभूमि में रहते हैं जो दाढ़ी के किनारों के बालों को काटते हैं। उन सभी देशों के लोगों ने अपने शरीर का खतना नहीं करवाया है। किन्तु इस्राएल के परिवार के लोगों ने हृदय से खतना को नहीं ग्रहण किया है, जैसे कि परमेश्वर के लोगों को करना चाहिए।”

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