1 यह सन्देश यहोवा का है: “उस समय लोग यहूदा के राजाओं और प्रमुख शासकों की हड्डियों को उनके कब्रों से निकाल लेंगे। वे याजकों और नबियों की हड्डियों को उनके कब्रों से ले लेंगे। वे यरूशलेम के सभी लोगों के कब्रों से हड्डियाँ निकाल लेंगे।
2 वे लोग उन हड्डियों को सूर्य, चन्द्र और तारों की पूजा के लिये नीचे जमीन पर फैलायेंगे। यरूशलेम के लोग सूर्य, चन्द्र और तारों की पूजा से प्रेम करते हैं। कोई भी व्यक्ति उन हड्डियाँ को इकट्ठा नहीं करेगा और न ही उन्हें फिर दफनायेगा। अत: उन लोगों की हड्डियाँ गोबर की तरह जमीन पर पड़ी रहेंगी।
3 “मैं यहूदा के लोगों को अपना घर और प्रदेश छोड़ने पर विवश करूँगा। लोग विदेशों में ले जाए जाएंगे। यहूदा के वे कुछ लोग जो युद्ध में नहीं मारे जा सके, चाहेंगे कि वे मार डाले गए होते।” यह सन्देश यहोवा का है।
4 यिर्मयाह, यहूदा के लोगों से यह कहो कि यहोवा यह सब कहता है,
5 यहूदा के लोग गलत राह चले गए हैं।
6 मैंने उनको ध्यान से सुना है,
7 आकाश के पक्षी भी काम करने का ठीक समय जानते हैं।
8 “‘तुम कहते रहते हो, “हमे यहोवा की शिक्षा मिली है।
9 उन “चतुर लोगों” ने यहोवा की शिक्षा अनसुनी की है अत:
10 अत: मैं उनकी पत्नियों को अन्य लोगों को दूँगा।
11 नबी और याजक हमारे लोगों के घावों को भरने का प्रयत्न ऐसे करते हैं
12 उन लोगों को अपने किये बुरे कामों के लिये लज्जित होना चाहिये।
13 “‘मैं उनके फल और फसलें ले लूँगा जिससे उनके यहाँ कोई पकी फसल नहीं होगी।
14 “‘हम यहाँ खाली क्यों बैठे हैं आओ, दृढ़ नगरों को भाग निकलो।
15 हम शान्ति की आशा करते थे, किन्तु कुछ भी अच्छा न हो सका।
16 दान के परिवार समूह के प्रदेश से
17 “यहूदा के लोगों, मैं तुम्हें डसने को विषैले साँप भेज रहा हूँ।
18 परमेश्वर, मैं बहुत दु:खी और भयभीत हूँ।
19 मेरे लोगों की सुन।
20 लोग कहते हैं,
21 मेरे लोग बीमार है, अत: मैं बीमार हूँ।
22 निश्चय ही, गिलाद प्रदेश में कुछ दवा है।