1 इस्राएल के परिवार, यहोवा की सुनो।
2 जो यहोवा कहता है, वह यह है:
3 अन्य लोगों के रीति रिवाज व्यर्थ हैं।
4 वे अपनी देव मूर्तियों को सोने चाँदी से सुन्दर बनाते हैं।
5 अन्य देशों की देव मूर्तियों,
6 यहोवा तुझ जैसा कोई अन्य नहीं है!
7 परमेश्वर, हर एक व्यक्ति को तेरा सम्मान करना चाहिए।
8 अन्य राष्ट्रों के सभी लोग शरारती और मूर्ख हैं।
9 वे अपनी मूर्तियों को तर्शीश नगर की चाँदी
10 किन्तु केवल यहोवा ही सच्चा परमेश्वर है।
11 यहोवा कहता है, “उन लोगों को यह सन्देश दो:
12 वह परमेश्वर एक ही है जिसने अपनी शक्ति से पृथ्वी बनाई।
13 परमेश्वर कड़कती बिजली बनाता है
14 लोग इतने बेवकूफ हैं!
15 वे देवमूर्तियाँ किसी काम की नहीं।
16 किन्तु याकूब का परमेश्वर उन देवमूर्तियों के समान नहीं है।
17 अपनी सभी चीज़ें लो और जाने को तैयार हो जाओ।
18 यहोवा कहता है,
19 ओह, मैं (यिर्मयाह) बुरी तरह घायल हूँ।
20 मेरा डेरा बरबाद हो गया।
21 गडेरिये (प्रमुख) मूर्ख हैं।
22 ध्यान से सुनो! एक कोलाहल!
23 हे यहोवा, मैं जानता हूँ कि व्यक्ति सचमुच अपनी
24 हे यहोवा, हमें सुधार! किन्तु न्यायी बन!
25 यदि तू क्रोधित है तो अन्य राष्ट्रों को दण्ड दे।