Isaías 48

HIN2010

1 यहोवा कहता है,

2 “तुम लोग अपने को पवित्र नगरी के नागरिक कहते हो।

3 “मैंने तुम्हें बहुत पहले उन वस्तुओं के बारे में तुम्हें बताया था जो आगे घटेंगी।

4 मैंने इसलिए वह किया था क्योंकि मुझको ज्ञात था कि तुम बहुत जिद्दी हो।

5 इसलिए मैंने तुमको पहले ही बता दिया था, उन सभी ऐसी बातों को जो घटने वाली हैं।

6 “तूने उन सभी बातों को जो हो चुकी हैं,

7 ये वे बातें नहीं हैं जो पहले घट चुकी है।

8 किन्तु तूने कभी उस पर कान नहीं दिया जो मैंने कहा।

9 “किन्तु मैं धीरज धरूँगा। ऐसा मैं अपने लिये करूँगा।

10 “देख, मैं तुझे पवित्र करूँगा।

11 यह मैं स्वयं अपने लिये करूँगा!

12 “याकूब, तू मेरी सुन!

13 मैंने स्वयं अपने हाथों से धरती की रचना की।

14 “इसलिए तुम सभी जो आपस में इकट्ठे हुए हो मेरी बात सुनों!

15 यहोवा कहता है कि मैंने तुझसे कहा था, “मैं उसको बुलाऊँगा

16 मेरे पास आ और मेरी सुन!

17 यहोवा जो मुक्तिदाता है और इस्राएल का पवित्र है, कहता है,

18 यदि तू मेरी मानता तो तुझे उतनी शान्ति मिल जाती जितनी नदी भर करके बहती है।

19 यदि तू मेरी मानता तो तेरी सन्तानें बहुत बहुत होतीं।

20 हे मेरे लोगों, तुम बाबुल को छोड़ दो!

21 यहोवा ने अपने लोगों को मरूस्थल में राह दिखाई,

22 किन्तु परमेश्वर कहता है,

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