1 “हे बाबुल की कुमारी पुत्री,
2 अब तुझको अपना कोमल वस्त्र उतार कर कठिन परिश्रम करना चाहिए।
3 लोग तेरे शरीर को देखेंगे और वे तेरा भोग करेंगे।
4 “मेरे लोग कहते हैं, ‘परमेश्वर हम लोगों को बचाता है।
5 यहोवा कहता है, हे बाबुल, तू बैठ जा और कुछ भी मत कह।
6 “मैंने अपने लोगों पर क्रोध किया था।
7 तू कहा करती थी, ‘मैं अमर हूँ।
8 इसलिए अब, ओ मनोहर स्त्री, मेरी बात तू सुन ले!
9 ये दो बातें तेरे साथ में घटित होंगी:
10 तू बुरे काम करती है, फिर भी तू अपने को सुरक्षित समझती है।
11 “किन्तु तुझ पर विपत्तियाँ आयेंगी।
12 जादू और टोने को सीखने में तूने कठिन श्रम करते हुए जीवन बिता दिया।
13 तेरे पास बहुत से सलाहकार हैं।
14 किन्तु वे लोग तो स्वयं अपने को भी बचा नहीं पायेंगे।
15 ऐसा ही हर वस्तु के साथ में घटेगा जिनके लिये तूने कड़ी मेहनत की।