1 यहोवा बर एक नवां गीत गावव;
2 यहोवा बर गावव, ओकर नांव के परसंसा करव;
3 जाति-जाति के मनखेमन के बीच म ओकर महिमा के,
4 काबरकि यहोवा ह महान अऊ अति परसंसा के योग्य अय;
5 काबरकि जाति-जाति के जम्मो देवतामन सिरिप मूरती अंय,
6 सोभा अऊ वैभव ओकर आघू म हवय;
7 हे जाति-जाति के जम्मो परिवारमन, यहोवा के बखान करव,
8 यहोवा के नांव के मुताबिक ओकर बखान करव;
9 पबितरता ले सोभायमान होके यहोवा के अराधना करव;
10 जाति-जाति के मनखेमन के बीच म कहव, “यहोवा ह सासन करथे।”
11 अकास ह आनंद मनावय, धरती ह खुस होवय;
12 भुइयां अऊ ओमा के हर एक चीज बहुंत आनंदित होवंय;
13 पूरा सिरिस्टी ह यहोवा के आघू म आनंद मनावय, काबरकि ओह आवथे,