1 आवव, हमन यहोवा बर आनंद के गीत गावन;
2 हमन ओकर आघू म धनबाद के संग आवन
3 काबरकि यहोवा ह महान परमेसर ए,
4 ओकर हांथ म धरती के गहरई हवय,
5 समुंदर ह ओकर अय, काबरकि ओह येला बनाय हवय,
6 आवव, हमन मुड़ नवाके अराधना करन,
7 काबरकि ओह हमर परमेसर ए
8 “त अपन हिरदय ला कठोर झन करव, जइसे तुम्हर पुरखामन मरीबा म करे रिहिन,
9 जिहां ओमन मोला परखिन;
10 चालीस साल तक मेंह ओ पीढ़ी के मनखेमन ले नराज रहेंव;
11 एकरसेति मेंह कोरोध म कसम खाके कहेंव,