1 हे यहोवा, तेंह ओ परमेसर अस, जऊन ह मोर उद्धार करथे;
2 मोर पराथना ह तोर करा हबरे;
3 मेंह बहुंत समस्या म पड़े हंव
4 मोर गनती ओमन म होवथे, जऊन मन कबर म जावथें;
5 मोला मरे मनखेमन के संग अलग रखे जावथे,
6 तेंह मोला सबले खाल्हे के खंचवा,
7 तोर कोप ह मोर ऊपर बहुंत भड़के हवय;
8 तेंह मोर सबले घनिस्ट संगीमन ला मोर ले दूरिहा कर दे हस
9 मोर आंखीमन दुख के मारे धुंधला गे हवंय।
10 का मरे मनखेमन ला तेंह अपन अद्भूत काम देखाथस?
11 का कबर म तोर मया के,
12 का तोर अद्भूत काम अंधियार के जगह,
13 पर हे यहोवा, मेंह तोला मदद बर पुकारथंव;
14 हे यहोवा, तेंह काबर मोला छोंड़ देथस
15 मेंह अपन जवानी के समय ले दुख भोगे हंव अऊ मिरतू के लकठा म रहे हंव;
16 तोर कोप ह मोर ऊपर छा गे हवय;
17 दिन भर ओमन बाढ़ के पानी सहीं मोर चारों कोति रहिथें;
18 तेंह मोर ले मोर संगी अऊ परोसीमन ला लेय ले हस—