1 हे मोर परमेसर, मोर ऊपर दया कर, मोर ऊपर दया कर,
2 मेंह सर्वोच्च परमेसर ला पुकारथंव,
3 ओह स्वरग ले पठोथे अऊ मोला बचा लेथे,
4 मेंह सिंहमन के बीच म हंव;
5 हे परमेसर, तोर महिमा ह स्वरगमन ले घलो ऊपर होवय;
6 ओमन मोर गोड़ बर एक जाल बिछाथें—
7 हे परमेसर, मोर मन ह अटल हवय,
8 हे मोर आतमा, जाग!
9 हे परभू, मेंह जाति-जाति के मनखेमन के बीच म तोर परसंसा करहूं;
10 काबरकि तोर मया ह अतेक महान ए कि ओह स्वरग तक हबरत हे;
11 हे परमेसर, तोर महिमा स्वरगमन ले घलो ऊपर होवय;