1 मेंह अपन मन म कहेंव, “मेंह अपन चालचलन ऊपर धियान दूहूं
2 एकरसेति मेंह एकदम चुप रहेंव,
3 मोर हिरदय ह भीतरे-भीतर बरत रिहिस।
4 “हे यहोवा, मोला मोर जिनगी के अन्त ला देखा
5 तेंह मोर जिनगी के दिन ला सिरिप बीता भर कर दे हस;
6 “खचित हर एक जन छइहां के सहीं एती-ओती फिरत रहिथें;
7 “पर अब, हे परभू, मेंह का चीज के डहार देखत हंव?
8 मोला मोर जम्मो अपराध ले बचा ले;
9 मेंह चुप रहेंव; अऊ अपन मुहूं नइं खोलेंव,
10 तेंह मोर ऊपर जऊन बिपत्ति डाले हस, ओला हटा ले;
11 जब तेंह कोनो मनखे ला ओकर पाप के कारन डांटथस अऊ दंड देथस,
12 “हे यहोवा, मोर पराथना ला सुन,
13 एकर पहिले कि मेंह ये संसार ले चले जावंव अऊ खतम हो जावंव,