Sofonias 2

HNE

1 हे बेसरम जाति के मनखेमन,

2 एकर पहिली कि हुकूम ह लागू होवय

3 तुमन जम्मो, जेमन देस के नम्र मनखे अव,

4 गाजा सहर ला तियाग देय जाही,

5 तुमन ऊपर हाय, जेमन समुंदर तीर म रहिथव,

6 समुंदर तीर के भुइयां ह चरागन हो जाही,

7 ओ देस ह यहूदा के घराना के

8 “मेंह मोआबीमन के बेजत्ती के बात

9 एकरसेति, मोर जिनगी के सपथ,”

10 ओमन के घमंड करे अऊ सर्वसक्तिमान यहोवा के मनखेमन के

11 यहोवा के भय ओमन म पईदा होही

12 “हे कूसी मनखेमन, तुमन घलो

13 यहोवा ह उत्तर दिग के बिरूध अपन हांथ बढ़ाही

14 गरूवा-बईला अऊ भेड़-बकरीमन

15 येह ओ चहल-पहल वाले सहर के स्थिति अय

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