1 लेमूएल राजा के कहावत—एक परभावसाली बचन, जऊन ला ओकर दाई ह ओला सिखोईस।
2 सुन, हे मोर बेटा! सुन, हे मोर कोख के बेटा!
3 अपन ताकत ला माईलोगन ऊपर झन लगा,
4 हे लेमूएल, येह राजामन बर नो हय,
5 नइं तो ओमन पीके कानून ला भुला जाहीं,
6 मंद ह ओमन बर होवय, जऊन मन नास होवथें,
7 ओमन पीयंय अऊ अपन गरीबी ला भुला जावंय
8 जऊन मन अपन बर नइं गोठिया सकंय, ओमन बर गोठिया,
9 गोठिया अऊ सही नियाय कर;
10 उत्तम चालचलन के घरवाली कोन पा सकथे?
11 ओकर घरवाला ला ओकर ऊपर पूरा भरोसा रहिथे
12 ओह अपन जिनगी भर अपन घरवाला बर
13 ओह ऊन अऊ सन छांटथे
14 ओह बेपारी जहाज के सहीं
15 ओह रथिया के रहत उठ जाथे;
16 ओह कोनो खेत ला सोच-बिचार करके बिसाथे;
17 ओह मेहनत से अपन काम ला जमाथे;
18 ओह ये बात के धियान रखथे कि ओला ओकर काम-धंधा म लाभ मिलय,
19 ओह अटेरन ला अपन हांथ म धरथे
20 ओह गरीबमन के मदद करे बर अपन हांथ खोलथे
21 जब बरफ गिरथे, त ओला अपन परिवार के चिंता करे के जरूरत नइं रहय;
22 ओह अपन बिस्तर बर चादर बनाथे;
23 सहर के दुवार म ओकर घरवाला के आदर होथे,
24 ओह सन के कपड़ा बनाके बेचथे,
25 ओह बल अऊ सम्मान के पहिरावा पहिरे रहिथे;
26 ओह बुद्धि के संग गोठियाथे,
27 ओह अपन घर के कामकाज ऊपर नजर रखथे
28 ओकर लइकामन उठके ओला धइन कहिथें;
29 “कतको माईलोगनमन उत्तम काम करथें,
30 आकरसन ह धोखा देवइया ए अऊ सुन्दरता ह गायब हो जाथे;
31 ओह जऊन काम करे हवय, ओ जम्मो बर ओकर आदर करव,