1 दाऊद के बेटा, यरूसलेम म राजा, गुरू के बचन:
2 “बेकार! बेकार!”
3 धरती ऊपर मनखे के दुवारा
4 पीढ़ी-पीढ़ी ले मनखेमन आथें अऊ ओमन चले जाथें,
5 सूरज निकलथे अऊ सूरज बुड़थे,
6 हवा ह दक्खिन कोति बहथे
7 हालाकि जम्मो नदीमन बहके समुंदर म मिल जाथें,
8 जम्मो चीजमन थका देनेवाला अंय,
9 जऊन ह हो चुके हे ओहीच ह फेर होही,
10 का अइसन कुछू हवय, जेकर बारे म कोनो ये कह सकय,
11 पहिले के पीढ़ीमन ला कोनो सुरता नइं करय,
12 में, गुरू ह यरूसलेम म इसरायल के राजा रहेंव।
13 धरती म जऊन जम्मो काम करे जाथे, मेंह बुद्धि के दुवारा ओ जम्मो काममन ला जांचंय अऊ परखे बर अपन मन लगांय। येह एक भारी बोझ के काम ए, जेला परमेसर ह मानव-जाति ऊपर डार दे हवय!
14 मेंह ओ काम ला देखे हवंव, जेमन ला ये धरती म करे जाथे; ये जम्मो के जम्मो बेकार अंय अऊ हवा के पाछू भगई सहीं अय।
15 जऊन ह टेड़गा हे, ओला सीधा नइं करे जा सकय;
16 मेंह अपनआप ले कहेंव, “देख, मोर पहिली यरूसलेम म जतेक भी राजा होईन, ओ जम्मो झन ले मेंह जादा बुद्धिमान अंव; मेंह जादा बुद्धि अऊ गियान के अनुभव करे हवंव।”
17 तब मेंह अपनआप ला बुद्धि के समझ, अऊ पागलपन अऊ मुरूखता ला जाने बर लगांय, पर मेंह समझ गेंव कि येह घलो हवा के पाछू भागे सहीं अय।
18 काबरकि जादा बुद्धि के संग जादा दुख आथे;