1 हे इसरायल, आनंद झन मना;
2 कोठार अऊ अंगूर के रसकुंडमन ले मनखेमन ला खाना नइं मिलय;
3 ओमन यहोवा के देस म रहे बर नइं पाहीं;
4 ओमन यहोवा ला अंगूर के मंद के भेंट नइं चघाहीं,
5 तुमन अपन ठहिराय तिहारमन के दिन,
6 कहूं ओमन बिनास के दिन बच निकलथें,
7 सजा के दिनमन आवत हवंय,
8 अगमजानी ह मोर परमेसर के संग
9 ओमन गिबा के समय के सहीं
10 “मेंह इसरायल ला अइसने पायेंव,
11 एपरैम के गौरव ह चिरई असन उड़ जाही—
12 चाहे ओमन अपन लइकामन के पालन-पोसन करंय, त घलो,
13 मेंह एपरैम ला सूर के सहीं
14 हे यहोवा, ओमन ला दे—
15 “गिलगाल सहर म ओमन के जम्मो दुस्ट काम के कारन,
16 एपरैम ला बेमारी लग गे हवय,
17 मोर परमेसर ह ओमन ला स्वीकार नइं करही