1 इसरायल ह एक ठन बढ़त अंगूर के नार रिहिस;
2 ओमन के मन ह धोखेबाज ए,
3 तब ओमन कहिहीं, “हमर कोनो राजा नइं एं
4 ओमन बहुंत अकन वायदा करथें,
5 जऊन मनखेमन सामरिया सहर म रहिथें
6 येला बड़े राजा ला भेंट के रूप म देय बर
7 सामरिया के राजा ला अइसन नास करे जाही,
8 बुरई के ऊंच ठऊरमन नास करे जाहीं—
9 “हे इसरायल, तेंह गिबा के समय ले पाप करत आय हवस,
10 जब मोर ईछा होही, तब मेंह ओमन ला दंड दूहूं;
11 एपरैम ह एक सिखोय गय बछिया अय
12 अपन बर धरमीपन के बीजा ला बोवव,
13 पर तुमन दुस्टता के बीजा लगाय हवव,
14 तुम्हर मनखेमन के बिरूध लड़ई के ललकार होही,
15 हे बेतेल, तोर संग घलो अइसनेच होही,