1 तब अयूब ह जबाब दीस:
2 “तेंह कइसे निरबलमन के मदद करे हवस!
3 तेंह ओ मनखे ला का सलाह दे हवस, जेकर करा बुद्धि नइं ए!
4 कोन ह तोला ये गोठ कहे बर मदद करे हवय?
5 “मरे मनखेमन बहुंत पीरा म हवंय,
6 अधोलोक ह परमेसर के आघू म खुला हवय;
7 ओह उत्तर दिग के अकासमन ला खाली जगह म बगराथे;
8 ओह बारिस के पानी ला अपन बादर म लपेटे हवय,
9 ओह पून्नी के चंदा ला ढांप देथे,
10 अंजोर अऊ अंधियार के बीच म सिवाना बांधे बर
11 ओकर दबकारे ले
12 अपन सामर्थ ले ओह समुंदर ला सांत कर देथे;
13 ओकर सांस ले अकास-मंडल साफ हो जाथे;
14 अऊ येमन तो ओकर काम के सिरिप एक झलक अंय;