1 तब सूही के रहइया बिलदद ह जबाब दीस:
2 “परभूता अऊ भय के अधिकारी परमेसर ही अय;
3 का ओकर सेनामन के गनती करे जा सकथे?
4 तब एक मरनहार मनखे ह परमेसर के आघू म कइसे धरमी हो सकथे?
5 कहूं ओकर नजर म चंदा ह घलो उजला
6 त फेर मरनहार मनखे के का गनती, जऊन ह सिरिप एक गेंगरूआ अय—