1 हे सियोन, जाग, जाग,
2 अपन ऊपर ले धुर्रा ला झर्रा दे;
3 काबरकि यहोवा ह ये कहत हे:
4 परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे:
5 “अऊ अब, इहां मोर करा का हवय?” यहोवा ह घोसना करत हे।
6 एकर कारन मोर मनखेमन मोर नांव ला जानहीं;
7 पहाड़ ऊपर कतेक सुघर होथे ओमन के अवई ह,
8 सुन! तोर पहरेदारमन ऊंच अवाज म कहत हें;
9 हे यरूसलेम के खंडहरमन,
10 यहोवा ह सब जातिमन के आघू म
11 चले जावव, चले जावव, उहां ले निकल जावव!
12 पर तुमन ला जल्दबाजी म नइं जाना हे
13 देखव, मोर सेवक ह बुद्धिमानी से काम करही;
14 जइसन बहुंते झन ओला देखके भयभीत होईन—
15 वइसन ही ओह बहुंते जातिमन ला छिंचही,