1 “तुमन, जेमन धरमीपन म चलथव
2 अपन पुरखा अब्राहम
3 यहोवा ह सियोन ला जरूर सांति दीही
4 “हे मोर मनखेमन, मोर बात ला सुनव;
5 मोर धरमीपन ह तेजी से लकठा म आथे,
6 अकास कोति आंखी उठाके देखव,
7 “तुमन, जेमन सही बात ला जानथव,
8 काबरकि घूना ह ओमन ला ओनहा सहीं
9 हे यहोवा के भुजा, जाग, जाग,
10 का ये तें नइं रहय, जऊन ह समुंदर ला,
11 जेमन ला यहोवा ह बचाय हवय, ओमन लहुंटके आहीं।
12 “में, हव, में ही तो तोला सांति देथंव।
13 तें, यहोवा अपन सिरजनहार ला भुला जाथस
14 भयभीत कैदीमन जल्दी ही सुतंतर करे जाहीं;
15 काबरकि मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव,
16 मेंह तोर मुहूं म अपन बचन ला डाले हंव
17 हे यरूसलेम, जाग, जाग!
18 ओकर जनमे जम्मो लइका म
19 तोर ऊपर ये दू ठन बिपत्ति आय हवंय—
20 तोर लइकामन मूरछित होके
21 एकर कारन हे दुखियारी मनखे, सुन,
22 तोर परमपरधान यहोवा, तोर परमेसर,
23 में येला तोर दुख देवइयामन के हांथ म दे दूहूं,