1 यहोवा ह अपन अभिसिक्त, कुसरू ला ये कहत हे,
2 मेंह तोर आघू-आघू जाहूं
3 मेंह तोला छुपे खजाना दूहूं,
4 मोर अपन सेवक याकूब,
5 मेंह यहोवा अंव, अऊ दूसर कोनो नइं;
6 ताकि बेर के उगती ले लेके
7 मेंह अंजोर के बनइया अऊ अंधियार के सिरजनहार अंव,
8 हे ऊपर के अकास, मोर धरमीपन के बारिस कर;
9 “ओमन ऊपर हाय, जेमन अपन रचइया ले झगरा करथें,
10 हाय ओकर ऊपर, जऊन ह अपन ददा ला कहिथे,
11 “यहोवा, इसरायल के पबितर परमेसर,
12 येह में अंव, जऊन ह धरती ला बनाईस
13 मेंह कुसरू ला अपन धरमीपन म उठाय हंव:
14 यहोवा ह ये कहत हे:
15 सही म तेंह परमेसर अस, जऊन ह अपनआप ला छुपाय रिहिस,
16 मूरतीमन के बनइयामन सब के सब लज्जित अऊ कलंकित होहीं;
17 पर इसरायल ह यहोवा के दुवारा
18 काबरकि यहोवा ह ये कहत हे—
19 मेंह गुपत म,
20 “हे जाति-जाति के भगोड़ा मनखेमन, एक संग जूरव,
21 घोसना करव कि का होना हे, ओला सामने लानव—
22 “हे जम्मो धरती के मनखेमन,
23 मेंह अपन ही किरिया खाय हंव,
24 मनखेमन मोर बारे म कहिहीं,
25 पर इसरायल के जम्मो संतानमन