Isaías 28

HNE

1 ओ मुकुट ऊपर हाय, जऊन ह एपरैम के मतवारमन के घमंड अय,

2 देखव, परभू करा एक झन हवय, जऊन ह बलवान अऊ मजबूत हे।

3 एपरैम के मतवारमन के घमंड के ओ मुकुट ला

4 ओ मुरझावत फूल, ओकर महिमामय सुघरता,

5 ओ दिन सर्वसक्तिमान यहोवा ह

6 ओह ओकर बर नियाय के एक आतमा होही

7 अऊ येमन घलो अंगूर के मंद पीके डगमगाथें

8 जम्मो मेजमन उल्टी ले भरे हवंय

9 “येह कोन ए, जेला ओह सिखाय के कोसिस करत हे?

10 काबरकि येह अय:

11 तब बहुंत अछा, परदेसी भासा अऊ अनजान बोली के संग

12 जऊन मन ला ओह कहिस,

13 एकरसेति, यहोवा के बचन ह ओमन बर बन जाही:

14 येकर कारन, हे ठट्ठा करइयामन,

15 तुमन ये डींग मारथव, “हमन मऊत के संग करार करे हन,

16 एकरसेति परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे:

17 मेंह नियाय ला नापे के डोरी

18 मऊत के संग तुम्हर करार ह टूट जाही;

19 जब-जब भी येह आही, येह तुमन ला दूरिहा ले जाही;

20 बिछौना ह हांथ-गोड़ फईलाय बर बहुंत छोटे हे,

21 काबरकि यहोवा ह वइसन उठके ठाढ़ होही,

22 एकरसेति अब तुमन ठट्ठा झन करव,

23 धियान दव अऊ मोर अवाज ला सुनव,

24 का कोनो किसान बीज बोय बर नांगर जोतथे, त का लगातार जोतत रहिथे?

25 जब ओह भुइयां ला समतल कर लेथे,

26 ओकर परमेसर ह ओला

27 अजवाईन ला बेलन चलाके नइं मिंजे जावय,

28 रोटी बनाय बर अनाज ला पीसना जरूरी अय;

29 ये जम्मो चीज घलो सर्वसक्तिमान यहोवा करा ले आथे,

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