1 ओ दिन यहूदा देस म ये गीत गाय जाही:
2 सहर के दुवारमन ला खोलव
3 जेमन के मन ह तोर बर अटल बने रहिथे,
4 यहोवा ऊपर हमेसा बर भरोसा रखव,
5 ओह ओमन ला नम्र करथे, जेमन डींग मारथें,
6 गोड़मन येला कुचर देथें—
7 धरमी के डहार ह समतल होथे;
8 हे यहोवा, हव, तोर कानून के रसता म चलत,
9 रथिया मोर परान ह तोर लालसा करथे;
10 पर जब दुस्ट ऊपर दया घलो करे जाथे,
11 हे यहोवा तोर हांथ ह उठे हवय,
12 हे यहोवा, तें हमर बर सांति लानथस;
13 हे यहोवा हमर परमेसर, तोर अलावा अऊ मालिकमन हमर ऊपर सासन करे हवंय,
14 ओमन मर गीन, ओमन अब जीयत नइं एं;
15 हे यहोवा, तेंह जाति ला बढ़ाय हस;
16 हे यहोवा, दुख म ओमन तोला सुरता करिन;
17 जइसन गरभवती माईलोगन ह लइका जनमावत बेरा
18 हमन गरभवती रहेंन, हमन पीरा म छटपटायेंन,
19 पर हे यहोवा, तोर मरे मनखेमन जी जाहीं;
20 हे मोर मनखेमन, जावव, अपन खोलीमन म जावव
21 देखव, यहोवा ह अपन निवास ले बाहिर निकलत हे