1 याहवेह, मेरी बिनती सुनकर मुझे उत्तर दीजिए,
2 मेरे प्राणों की रक्षा कीजिए, क्योंकि मैं आपके प्रति समर्पित हूं;
3 प्रभु, मुझ पर कृपा कीजिए,
4 अपने सेवक के प्राणों में आनंद का संचार कीजिए,
5 प्रभु, आप कृपानिधान एवं क्षमा शील हैं, उन सभी के प्रति,
6 याहवेह, मेरी प्रार्थना सुनिए;
7 संकट के अवसर पर मैं आपको पुकारूंगा,
8 प्रभु, देवताओं में कोई भी आपके तुल्य नहीं है;
9 आपके द्वारा बनाए गए समस्त राष्ट्रों के लोग,
10 क्योंकि आप महान हैं और अद्भुत हैं आपके कृत्य;
11 हे याहवेह, मुझे अपनी राह की शिक्षा दीजिए,
12 मेरे प्रभु परमेश्वर, मैं संपूर्ण हृदय से आपका स्तवन करूंगा;
13 क्योंकि मेरे प्रति आपका करुणा-प्रेम अधिक है;
14 परमेश्वर, अहंकारी मुझ पर आक्रमण कर रहे हैं;
15 किंतु प्रभु, आप कृपालु और दयालु परमेश्वर हैं,
16 मेरी ओर फिरकर मुझ पर कृपा कीजिए;
17 मुझे अपनी खराई का चिन्ह दिखाइए, कि इसे देख मेरे शत्रु लज्जित हो सकें,