1 सर्वशक्तिमान याहवेह,
2 मेरे प्राण याहवेह के आंगनों की उत्कट अभिलाषा करते हुए
3 सर्वशक्तिमान याहवेह, मेरे राजा, मेरे परमेश्वर,
4 धन्य होते हैं वे, जो आपके आवास में निवास करते हैं;
5 धन्य होते हैं वे, जिनकी शक्ति के स्रोत आप हैं,
6 जब वे बाका घाटी में से होकर आगे बढ़ते हैं, उसमें झरने फूट पड़ते हैं;
7 तब तक उनके बल उत्तरोत्तर वृद्धि होती जाती है,
8 याहवेह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, मेरी प्रार्थना सुनिए;
9 परमेश्वर, हमारी ढाल पर दृष्टि कीजिए;
10 आपके परिसर में एक दिन,
11 मेरे लिए याहवेह परमेश्वर सूर्य एवं ढाल हैं;
12 सर्वशक्तिमान याहवेह, धन्य होता है वह,