1 याहवेह, स्मरण कीजिए हमने क्या-क्या सहा है;
2 हमारा भाग अपरिचितों को दिया गया है,
3 हम अनाथ एवं पितृहीन हो गए हैं,
4 यह आवश्यक है कि हम पेय जल के मूल्य का भुगतान करें;
5 वे जो हमारा पीछा कर रहे हैं, हमारे निकट पहुंच चुके हैं;
6 पर्याप्त भोजन के लिए हमने मिस्र तथा अश्शूर
7 पाप तो उन्होंने किए, जो हमारे पूर्वज थे, और वे कूच कर गए अब हम हैं,
8 जो कभी हमारे दास थे, आज हमारे शासक बने हुए हैं,
9 अपने प्राणों का जोखिम उठाकर हम अपने भोजन की व्यवस्था करते हैं,
10 दुर्भिक्ष की ऊष्मा ने हमारी त्वचा ऐसी कालिगर्द हो गई है,
11 ज़ियोन में स्त्रियां भ्रष्ट कर दी गई हैं,
12 शासकों को उनके हाथों से लटका दिया गया है;
13 युवाओं को चक्की चलाने के लिए बाध्य किया जा रहा है;
14 प्रौढ़ नगर प्रवेश द्वार से नगर छोड़ जा चुके हैं;
15 हमारे हृदय में अब कोई उल्लास न रहा है;
16 हमारे सिर का मुकुट धूल में जा पड़ा है.
17 परिणामस्वरूप हमारे हृदय रुग्ण हो गए हैं,
18 इसलिये कि ज़ियोन पर्वत निर्जन हो चुका है,
19 किंतु याहवेह, आपका शासन चिरकालिक है;
20 आपने हमें सदा के लिए विस्मृत क्यों कर दिया है?
21 हमसे अपने संबंध पुनःस्थापित कर लीजिए, कि हमारी पुनःस्थापना हो जाए;
22 हां, यदि आपने पूर्णतः हमारा परित्याग नहीं किया है