1 सोना खोटा कैसे हो गया,
2 ज़ियोन के वे उत्कृष्ट पुत्र,
3 सियार अपने बच्चों को
4 अतिशय तृष्णा के कारण दूधमुंहे शिशु की जीभ
5 जिनका आहार उत्कृष्ट भोजन हुआ करता था,
6 मेरी प्रजा की पुत्री पर पड़ा अधर्म
7 उस नगरी के शासक तो हिम से अधिक विशुद्ध,
8 अब उन्हीं के मुखमंडल श्यामवर्ण रह गए हैं;
9 वे ही श्रेष्ठतर कहे जाएंगे, जिनकी मृत्यु तलवार प्रहार से हुई थी,
10 ये उन करुणामयी माताओं के ही हाथ थे,
11 याहवेह ने अपने कोप का प्रवाह पूर्णतः
12 न तो संसार के राजाओं को,
13 इसका कारण था उसके भविष्यवक्ताओं के पाप
14 अब वे नगर की गलियों में दृष्टिहीनों-सदृश भटक रहे हैं;
15 उन्हें देख लोग चिल्ला उठते है, “दूर, दूर अशुद्ध!
16 उन्हें तो याहवेह ने ही इस तरह बिखरा दिया है;
17 हमारे नेत्र दृष्टिहीन हो गए,
18 उन्होंने इस रीति से हमारा पीछा करना प्रारंभ कर दिया,
19 वे, जो हमारा पीछा कर रहे थे,
20 याहवेह द्वारा अभिषिक्त, हमारे जीवन की सांस
21 एदोम की पुत्री, तुम, जो उज़ देश में निवास करती हो,
22 ज़ियोन की पुत्री, निष्पन्न हो गया तुम्हारी पापिष्ठता का दंड;