1 “उन दिनों में और उस समय पर,
2 तब मैं सब जाति के लोगों को इकट्ठा करूंगा
3 वे मेरे लोगों के लिये पांसा फेंकते हैं
4 “हे सोर और सीदोन और फिलिस्तिया के सारे क्षेत्र के लोगों, अब तुम्हारे पास मेरे विरुद्ध में क्या है? क्या तुम उस बात का बदला चुका रहे हो, जो मैंने किया है? यदि तुम मुझे वापस बदला चुका रहे हो, तो मैं शीघ्र ही, तेजी से, तुम्हारे द्वारा किए गए कामों को वापस तुम्हारे ही सिर पर डाल दूंगा.
5 क्योंकि तुमने मेरी चांदी और मेरा सोना ले लिया है और मेरे बहुमूल्य खजानों को अपने मंदिरों में रख लिया है.
6 तुमने यहूदिया और येरूशलेम के लोगों को यूनानियों के हाथ बेच दिया, ताकि तुम उन्हें उनके देश से दूर कर सको.
7 “देखो, मैं उन्हें उन स्थानों से लौटाकर लानेवाला हूं, जहां तुमने उन्हें बेच दिया था, और तुम्हारे किए गये कामों को वापस तुम्हारे ही सिर पर डाल दूंगा.
8 मैं तुम्हारे बेटे और बेटियों को यहूदिया के लोगों के हाथ बेच दूंगा, और वे उन्हें बहुत दूर रहनेवाली एक जाति शबाईयों के हाथ बेच देंगे.” याहवेह ने कहा है.
9 जाति-जाति के लोगों के बीच यह घोषणा करो:
10 अपने हल की फालों को पीटकर उनकी तलवारें बना लो
11 चारों तरफ के जाति-जाति के सब लोगों, जल्दी करके आओ,
12 “जाति-जाति के लोग उत्तेजित हों;
13 हंसिया चलाना शुरू करो,
14 निर्णय की घाटी में
15 सूर्य और चंद्रमा पर अंधकार छा गया है,
16 याहवेह ज़ियोन से गरजेंगे
17 “तब तुम जानोगे कि मैं, याहवेह ही तुम्हारा परमेश्वर हूं,
18 “उस दिन पहाड़ों से नई अंगूर की दाखमधु टपकेगी,
19 पर मिस्र देश उजाड़ हो जाएगा,
20 यहूदिया में लोग सदा-सर्वदा निवास करते रहेंगे
21 क्या मैं उन निर्दोष लोगों के खून का बदला लिये बिना छोड़ दूंगा?